कीदशम

प्रश्नकर्ता: rajesh | 07/08/2022 | 11:09 PM

यॊगमाया नमोस्तुते कीदशम सर्वेज्ञर्ववरदे सर्वपापहरेदेवि
टिप्पणियाँ
डॉ. विवेकानन्द पाण्डेय17/08/2022 | 09:53 PM
आपके द्वारा प्रस्तुत मन्त्र अव्यवस्थित है<br />
इसमें पदों को अलग करके निम्न तरह से रखा जा सकता है<br />
योगमाया नमोस्तु ते = योगमाया आपको नमस्कार है<br />
कीदृशम् = कैसा&sbquo; किस तरह का<br />
सर्वज्ञे सर्ववरदे = सब कुछ जानने वाली&sbquo; सभी को वरदान देने वाली<br />
सर्वपापहरे देवि = सभी पापों को दूर करने वाली देवी