Isme kya karna hai vo battayen, kya anuvad karna hai ??
डॉ विवेकानन्द पाण्डेय29/08/2020 | 07:47 PM
पुर्ननवाया मूलं तु शुभ्रं गोघतमिश्रितम् ।<br />
अंजितं हरति क्षिप्रं नेत्रान्तोरगता रूज: ।।<br />
<br />
सफेद पुनर्नवा की जड़ को गाय के घी में मिलाकर बनाया गया अंजन (काजल) नेत्र से सम्बन्धित रोगों को शीघ्र ही हर लेता है ।<br />
<br />
हालांकि मैंने आयुर्वेद नहीं पढ़ा है फिर भी इस छन्द का भावार्थ प्रायः यही होना चाहिये ।
टिप्पणियाँ
अंजितं हरति क्षिप्रं नेत्रान्तोरगता रूज: ।।<br />
<br />
सफेद पुनर्नवा की जड़ को गाय के घी में मिलाकर बनाया गया अंजन (काजल) नेत्र से सम्बन्धित रोगों को शीघ्र ही हर लेता है ।<br />
<br />
हालांकि मैंने आयुर्वेद नहीं पढ़ा है फिर भी इस छन्द का भावार्थ प्रायः यही होना चाहिये ।