लुण्ठ्, अपहृ — बलात् अपहरणानुकूलः व्यापारः।; "अस्मिन् मार्गे चौराः पथिकान् लुण्ठ्यन्ति।" (verb)
इन्हें भी देखें : विलुण्ट्, लुण्ट्, लुण्ठ्, निर्लुण्ठ्, अपहृ, हृ, मुष्, चोरय;
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