Monier–Williams
गर्ह् — {garh} cl. 1. 10.P. Ā. {hati}, {hate}, {hayati}, {hayate} (the Ā. is more common than P##perf. {jagarha}, {rhe}), to lodge a complaint (acc.) before any one (dat.) iv, 3, 5##to accuse, charge with, reproach, blame, censure any one or anything (acc.) iv, 199 &c##to be sorry for, repent of (acc.) xi, 230
इन्हें भी देखें :
गर्ह्य;
गर्ह्यवादिन्;
गर्ह्याणक;
निगर्ह्;
परिगर्ह्;
बहुगर्ह्यवाच्;
विगर्ह्;
विगर्ह्य;
तिरस्कृ, धिःकृ, क्षिप्, भर्त्स्, भस्, प्रदुष्, कुत्स्, विगर्ह्, अतिब्रू, अपवद्, अभितर्जय्, आतर्जय्, उदाकृ, उपवद्, कत्थ्, कुट्ट्, जर्च्, निर्वद्, निपीय्, निवच्, परिगर्ह्, परिभाष्, प्रतिनिन्द्, प्रतिपीय्, विगै, संतर्जय्, संदुषय्, समभितर्जय्;
तिरस्कृ, निराकृ, धिक्कृ, प्रत्याख्या, अवधीरय, निरवधू, सावज्ञं प्रत्यादिश्, प्रत्यनुज्ञा, गर्ह्;
अवमन्, अपमन्, अवज्ञा, तिरस्कृ, अधिक्षिप्, निकृ, अतिब्रू, परिभू, निन्द्, गर्ह्, गर्हय, कुत्सय, लघूकृ, आक्षिप्, क्षिप्, उपक्षिप्, समाक्षिप्, आधर्षय, अवधर्षय, सम्प्रधर्षय, दुर्जनीकृ, कात्कृ, प्रस्तोभय, लङ्घय, विप्रलम्भय;
गर्ह्, विगर्ह, शप्, अधिक्षिप्, तर्जय, निन्द्, क्षिप्, अभितर्जय, आतर्जय, अभिभर्त्सय, अवगर्ह्, उपालभ्, परिभर्त्स्, परिभर्त्सय, समभितर्जय, विनिन्द्, तिरस्कृ, संतर्जय, सन्तर्जय, अपध्वंस्, उपक्रुश्, उपकृ, परिगर्ज्;