क्षीज् — दुःखजनकः कोपानुकूलः मनोव्यापारः।; "कुपथगामिनं पुत्रं दृष्ट्वा माता खेदेन अक्षीजत्। " (verb)
क्षीज् — {kṣīj} cl. 1. P. {jati}, to sound inarticulately, sigh or groan (as in distress) Dhātup. vii, 63
इन्हें भी देखें : निःशेषीकरणम्; अभिश्वस्, परिनिःस्तन्, विस्तन्, क्षीज्;
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