संस्‍कृतशब्‍दकोशः

संस्‍कृत-हिन्दी-आंग्ल शब्दकोश


Monier–Williams

उदीर् — {ud-√īr} Ā. {-īrte} (3. pl. {-īrate} RV. AV##Impv. 2. sg. {-īrṣva} RV. x, 18, 8 AV##impf. {-airata} RV. vii, 39, 1##p. {-īrāṇa} AV. xii, 1, 28 RV.), P. (Subj. 3. sg. {-īrat} RV. iv, 2, 7##aor. 2. du. {-airatam} RV. i, 118, 6) to bring or fetch out of RV. i, 118, 6##to rise, start off (in order to go or to come) RV. AV. ŚBr##to move upwards, ascend##to arise, originate RV. AV##to honour, respect RV. iv, 2, 7##(in class. Sanskṛit only {ud-īrṇa} occurs): Caus. {-īrayati}, to bring or fetch out of RV. i, 112, 5 ; x, 39, 9##to cause to rise or move##to raise, rouse, excite RV. MBh. R. Ragh. Daś##to throw or cast upwards##to cast, discharge, drive forward R. Ragh. &c##to cause to come forth or appear Kum##to raise one's voice##to utter, speak RV. Yājñ. Mn. &c##to procure, cause, effect RV. i, 48, 2 ; x, 39, 2 TS. Suśr##to excite, raise, enhance, multiply, increase Suśr. Kum. &c##to extol, glorify RV. v, 42, 3 MBh##to stir up, urge, stimulate RV. R##to rise, start off RV. v, 55, 5 ; viii, 7, 3 : Pass. {-īryate}, to be cast or thrown upwards R##to be excited, be roused or stirred up MBh. R. Suśr. Kum. &c##to be uttered or announced or enunciated##to pass for VP. Kum. Kathās. Pañcat. Suśr. &c##to sound##to issue forth

इन्हें भी देखें : उदीर्ण; उदीर्णता; उदीर्णदीधिति; उदीर्णवराहतीर्थ; उदीर्णवेग; उदीर्य; प्रवृद्ध, परिवृद्ध, समुपारूड, वर्धित, अभिवृद्ध, अभ्युच्चित, आपी, आप्यान, आप्यायित, उच्छ्रित, उदग्र, उदित, उदीरित, उदीर्ण, उद्भूत, उद्रिक्त, उन्नद्ध, उन्नमित, उपसृष्ट, ऋद्ध, एधित, जृम्भित, परिबृंहित, परिपुष्ट, परिवर्धित, प्यायित, बहुलीकृत, बहुलित, बृंहित, प्रचुरीकृत, प्रथित, रूढ, वेजित, विवर्धित, विवृद्ध, शून, साधिक, सहस्कृत, समारूढ, समेधित, सम्प्रविद्ध, संरब्ध, समुद्धत, समुक्षित, समुन्नीत, संवृद्ध, सान्द्रीकृत, सातिरिक्त, स्फीतीकृत, उच्छून; आवेगः, संवेगः, उदीर्णता, उत्तेजनम्; द्युमत्, द्युतिकर्, द्युतिमत्, द्योतन, द्योति, द्योतमान, उज्वल, कान्तिमत्, किरणमय, उत्प्रभ, उल्लस, उल्लसित, प्रकाशवत्, प्रकाशक, प्रकाशमान, प्रकाशत्, प्रकाशिन्, चित्र, तेजस्वत्, तेजस्विन्, तेजोमय, तैजस, अञ्जिमत्, अतिशुक्र, अभिरुचिर, अभिविराजित, अभिशोभित, अभीषुमत्, अमन्द, अवभासित, अवभासिन्, आभास्वर, आरोचन, आभासुर, इद्ध, उत्प्रभ, उदीर्णदीधिति, उद्द्योत, उद्द्योतित, कनकतालाभ, कनकप्रभ, कनल, काशी, काशीष्णु, केतु, तैजस, दीदि, दीदिवि, दीप्त, दीप्तिमत्, द्योतमान, धौत, पुनान, प्रख्य, प्रभावत्, बृहज्ज्योतिस्, भास्कर, भासुर, भास्वर, भास्वत्, भासयत्, रुक्माभ, रुचित, रुचिर, रुच्य, रुशत्, रोच, रोचन, रोचमान, रोचिष्णु, वर्चस्विन्, विद्योतमान, विरुक्मत्, विचक्षण, विराजमान, शुक्लभास्वर, शुन्ध्यु, शुभान, शुभ्र, शुभ्रि, शुम्भमान, शोभ, शोभमान, सुतार, सुतेज, सुदीप्त, सुद्योत्मन्, सुप्रकेत, सुप्रभ, सुरुक्, सुविभात, स्फुरत्, हिरण्यनिर्णिज्, हिरण्यनिर्णिग्; समुदि, आरोह्, उदि, अभ्युदि, उदे, समारुह्, समुत्था, समुत्पत्, समुदञ्च्, समुदागम, समुदीष्, समुद्गम्, समुद्धा, समुद्या, समुन्नम्, समुन्मिष्, समेज्, उदेज्, उदीष्, उदीर्, उद्या, प्रत्युन्मिष्, प्रत्युदि, प्रत्युत्था, प्रत्युच्छ्रि, पर्यारुह्, पर्युत्था, प्रारुह्, प्रोत्था, प्रोद्धा, संहा, समधिरुह्, समभ्युत्था, स्तिघ्;