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Hitesh soni

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ॐ महादेवाय विद्महे रुद्रमूर्तये धीमहि । तन्नः शिवः प्रचोदयात् ॥

समय : 09:31:44 | दिनाँक : 27/12/2019
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विपुल आर्य

ॐ - प्रणवाक्षर एकाक्षर ब्रह्म
महादेवाय - महादेव के लिए, महादेव को
विद्महे - जानते हैं, समझते हैं, आवाहन करते हैं
रुद्रमूर्तये - रुद्र स्वरूप वाले
धीमहि - ध्यान करते हैं ।
तन्नः (तद् + नः) - तो (वह) हमें
शिवः - शिव, कल्याण
प्रचोदयात् - प्रेरित करे

हम उस महादेव शिव के रुद्र स्वरूप का आवाहन और ध्यान करते हैं । वह हमें कल्याण के लिए प्रेरित करे ।

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